आदरणीय प्राचार्य महोदय शिक्षकगण मेरे प्यारे सहपाठियोँ और मेरे अनुजोँ । मैं दसवीं कक्षा का छात्र तुषार हर्ष और विषाद की मिश्रित भावना के साथ ..... विद्यालय के प्रांगण में अंतिम बार आपको संबोधित करने जा रहा हूँ । सबसे पहले 9 क्लास के छात्रों को इस शानदार आयोजन के लिए धन्यवाद । समय की गति बहुत तेज होती है ।विश्वास नहीं होता कि दो तीन महीनों बाद हमारी दुनिया ही बदल जाएगी । इस स्कूल में मैंने .... सालों तक पढ़ाई की है । इन . सालों में मैंने कई मीठी यादें बटोरीँ जिन्हें मैं अमूल्य निजी संपत्ति बनाकर रखना चाहता हूँ 1 यह विद्यालय मेरे लिए ईंट पत्थर का मकान नहीं था जहाँ रोज बैग लेकर आना और लौट जाना है बल्कि यह हमारे भविष्य को उज्ज्वल बनाने वाला दीपक है 1 यहाँ हमने बोलना व्यवहार करना और समाज में रहना सीखा 1 इस विदाई समारोह ने मुझे मौका दिया है उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का जिन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया है 1 हमारे शिक्षकों ने जिस स्नेह और ईमानदारी के साथ पढ़ाया उसे याद करके इस संस्था से जाने का दिल नहीं कर रहा है 1 पर सृष्टि की रीति रही है - जो आया है वो जाएगा 1 हालाँकि मैं इस योग्य स्वयं को नहीं समझता कि शिक्षकों की उपस्थिति में आप को पढ़ाई के सलीके बताऊं पर इतना जरूर कहूँगा पढ़ाई परीक्षा देने के लिए नहीं ग्यान प्राप्त करने के लिए कीजिए 1 तो अब तक मुझसे जो भी गलतियाँ हुई हैं उनके लिए गुरुजनोँ एवं सहपाठियोँ से क्षमा चाहता हूँ । आप सब को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाऐं 1 good bye तो कहूँगा पर इसी आशा के साथ कि हम कभी न कभी कहीं न कहीं जरूर मिलेंगे क्योंकि किसी शायर ने कहा है : दुनिया गोल है 1 हो सकता है जिसे हम अंत कह समझ रहे हैं हो सकता है वही हमारी शुरुआत हो 1 THANKS